जब हैरी पॉटर को पता चला था की वो एक जादूगर है तब वह अपने सारे दुख से छूट गया था और वह एक तरह से मुक्त हो गया था
![]() |
| Image via: buzzfeed |
हैरी पॉटर एक बहुत ही फेमस नॉवेल है और उसी नॉवेल पर हैरी पॉटर फिल्म भी बनी है जोकि हुबहू नोबल पर आधारित है। नॉवेल और फिल्म दोनो में यह दिखाया गया है की जब हैरी पॉटर छोटा था तो उसके मम्मी पापा को वोल्डेमोर्ट ने मार दिया था और तब अनाथ हैरी को उसकी मम्मी की बहन यानी की हैरी की मौसी पेटुनिया डर्सली के घर छोड़ दिया गया।
पेटुनिया डर्सली के पति का नाम वर्नोन डर्सली था और उन दोनो का एक बेटा भी था जिसका नाम डडली था। पूरा परिवार हैरी से नफरत करता था और हैरी उस घर में किसी नौकर की तरह रहता था। हैरी उस घर में तकरीबन 10 साल तक घुट घुट के जीता रहा जहां उसे कोई प्यार नही करता था और यहां तक कि हैरी को रहने के लिए भी सीढ़ियों के नीचे बना छोटा सा कैबिन दिया गया था जिसकी साइज महज किसी बाथरूम जितनी थी।
हैरी की मौसी उसके साथ बुरा व्यवहार करती थी और किसी नौकर की तरह हैरी से घर के सारे काम करवाती थी। हैरी के मौसा वर्नोन डर्सली भी हैरी से नफरत करते थे और हैरी को हरवक्त भलाबुरा कहते थे। यहां तक की पेटुनिया और वर्नोन का बिगडा हुआ बेटा डडली भी हरवक्त हैरी को तंग करता रहता था और कई बार हैरी को धक्का देकर गिरा देता था।
हैरी उसके मौसी और मौसा के घर पर नरक से भी बत्तर जिंदगी जी रहा था और शायद वो ख्वाब भी देखता होगा की काश उसके माता पिता जिंदा होते तो उसे जहालत भरी यह जिंदगी नही जीनी पड़ती। दुख और तकलीफ सहते सहते हैरी ने 10 साल बिता दिए थे और अब बहुत जल्द वो 11 साल का होने वाला था लेकिन उसी दौरान लंडन शहर में जहां हैरी रहता था अजीब घटनाएं घटने लगी जैसे की जादूगरों जैसी पोशाक पहने व्यक्ति लंडन में दिखने लगे और दिन दहाड़े उल्लू नजर आने लगे।
यह संकेत था की तब हैरी पॉटर हॉगवर्ट्स जाने के लिए बिल्कुल तैयार है। एक दिन डर्सली के घर हैरी के नाम का खत आया जोकि हॉगवर्ट्स से आया था लेकिन हैरी के मौसा वर्नोन डर्सली ने इस खत को फाड़ दिया। उसके बाद रोज कई सारे खत आने लगे और उन खातों से परेशान होकर एक दिन वर्नोन डर्सली ने यह फैसला किया की वो हैरी समेत अपनी पूरी फैमिली को कार में बिठाकर दूर कही ले जाएगा। पूरी फैमिली दूर एक टूटे हुए घर में आई जोकि समंदर के किनारे था।
जब रात को वो सो रहे थे तब घर के दरवाजे को कोई जोर से पिट रहा था और फिर एक जोरदार आवाज के साथ दरवाजा टूट गया। जिस आदमी ने दरवाजा तोडा था उसका नाम था रुबियस हैग्रिड जोकि हॉगवर्ट्स से आया था। हैग्रिड ने हैरी को सारी बाते बताई की वो एक जादूगर है बिल्कुल उसके मम्मी पापा की तरह। जब हैरी ने यह सुना तो पहले तो उसे जटका लगा लेकिन फिर जब हैग्रिड ने गुस्से में हैरी के मौसी और मौसा को सच बताने को कहा तो उन्होंने सारा सच उगल दिया जिसके बाद हैरी को पूरा यकीन हो गया और यही पल हैरी के लिए सबसे खास बन गया।
जब हैरी को पता चला कि वो अब तक जो घिनौनी जिंदगी अपनी मौसी और मौसा के साथ जी रहा है उसका अब अंत हो गया है और अब हॉगवर्ट्स में उसकी एक उज्जवल नई जिंदगी शुरू होगी तो उसे दुनिया की सारी खुशियां उसी पल में मिल गई थी। अचानक हैरी जैसे नर्क से स्वर्ग में आ गया और इसके सारे दुख अब खुशियों में बदल गए। उस पल हैरी की जो मनोस्थिति हुई होगी उसे कोई शब्दों में बयान नही कर सकता क्योंकि यह खुशी वैसी ही है जब कोई कैदी दशकों तक जैल में सड़ा हो और फिर एक दिन जब उसकी सजा पूरी होती है तो वो जैल की घिनौनी लाइफ से निकल कर नॉर्मल दुनिया में वापस आता है और अपनी आजादी को महसूस करता है।
ज़ंजीरें टूटीं तो आवाज़ आई, किस्मत भी आज मुस्कुराई।जो उम्र भर छीन ली थी दुनिया ने, वही आज़ादी पल भर में लौट आई।
इस शायरी में हैरी का वो बेशकीमती पल समाया हुआ है जिसका कोई मूल्य नही लगाया जा सकता। हम में से कइयों ने अपने जीवन में इसी तरह का संघर्ष किया होगा और फिर लंबे संघर्ष के बाद जब उजाला आया होगा तो उस अपार सुख के सागर में कही खो गए होंगे।
यह जीवन का नियम है की गहरी काली रात के बाद चमकता हुआ सूरज जरूर निकलता है। और अगर आज सूरज चमक रहा है तो कल अंधेरा उसे छिपा भी लेगा, यही बदलाव का नियम है। इस ब्रह्मांड में कुछ भी स्थाई नहीं है, नाही खुशियां और ना ही गम।

