Competitive exam

The constitution of India part - 4

The constitution of India

The constitution of India
The constitution of India

भारत के राष्ट्रीय चिन्ह


1 राष्ट्रध्वज 


भारत के राष्ट्रध्वज में कुल तीन रंग है

केसरी - शक्ति का प्रतीक है

सफेद - शांति का प्रतीक है

हरा - समृद्धि का प्रतीक है

राष्ट्रध्वज के बीच मे 24 आंक वाला अशोक चक्र है और सारनाथ के अशोक स्तम्भ मे से 24 घंटे प्रगति का सूचक है, राष्ट्रध्वज की लंबाई और चौड़ाई 3 : 2 है

राष्ट्रध्वज का इतिहास


राष्ट्रध्वज की सबसे पहली डिज़ाइन यूरोप में मैडम भिखाइजिकामा के द्वारा तैयार हुई थी। और उस राष्ट्रध्वज को 1907 में जर्मनी के स्टुअर्डगार्ड शहर में अंतरराष्ट्रीय समाजवादी परिषद में पहली बार ललहराया गया। उसके बाद सन 1929 में नेहरू द्वारा 31/12 के रोज रावी नदी के तट पर भारत मे पहली बार लहराया गया जिसमे चक्र की जगह चरखा था। आज़ादी के बाद राष्ट्रध्वज को डिज़ाइन करने के लिए झंडा समिति की नियुक्ति की गई जिसके अध्यक्ष जे. बी कृपलानी थे। अभी का ध्वज 22 जुलाई 1947 के दिन स्वीकारा गया था। 2002 में भारतीय ध्वज संहिता को बनाया गया जिसके मुताबिक सामान्य नागरिक, खानगी संस्था भी राष्ट्रध्वज लहरा सकते है। अभी के राष्ट्रध्वज की अंतिम डिज़ाइन पिग्लि वेकैया के द्वारा तैयार किया गया।

राष्ट्रीय चिन्ह


हमारे राष्ट्रीय चिन्ह में चार सिंह की आकृति देखने को मिलती है। और यह आकृति सारनाथ में मौजूद अशोक स्तम्भ मेसे लिया गया है। मूल स्तम्भ में चार सिंह की आकृति है। क्योंकि यह चार सिंह एक दूसरे की विरुद्ध दिशा में है इस लिए एक बार मे हमे सिर्फ तीन सिंह ही दिखते है। उसके नीचे घंट के आकार की पद्मना पर एक हाथी, एक घोड़ा, एक सांढ़ और एक सिंह की मूर्ति उभरी हुई है। जिसके बीच मे एक चक्र उभरा हुआ है। एक ही पत्थर मे से बनाया गया इस स्तम्भ के ऊपर धर्म चक्र बनाया गया है। नीचे मुंडकोपनिषद मेसे लिया गया सूत्र सत्यमेव जयते लिखा हुआ है। जिसकी लिपि देवनागरी है। इस सूत्र का अर्थ होता है सत्य का ही विजय होता है। जिसको भारत सरकार के द्वारा 26-1-1950 में मान्यता मिली।

राष्ट्र गीत


हमारे राष्ट्र गीत का नाम वंदे मातरम है। इस गीत की रचना बंकिम चंद्र चेटर्जी ने की थी। इस गीत को जन गन मन राष्ट्रगान के समान ही दर्जा मिला है। सबसे पहले यह गीत 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 12 वे अधिवेशन जो कि कलकत्ता में हुआ था वहाँ गाया गया था। इस अधिवेशन के अद्यक्ष रहिम तुल्लाह थे। और इस गीत को पहली बार सरोजिनी नायडू द्वारा गाया गया था।

राष्ट्र गान


हमारा राष्ट्र गान है जन गन मन जिसकी रचना रवींद्रनाथ टागोर ने की थी। यह गान सबसे पहले बंगाली भाषा मे बनाया गया था। इस गीत को राष्ट्रीय गान के रूपमे सन 24-1-1950 में स्वीकारा गया। इस मे कुल 5 पद आते है। जिसमे से हमने पहला पद ही स्वीकारा है। इस गान को सबसे पहले सन 27-12-1911 को भारतीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में सरला देवी ने गाया था जिसके अध्यक्ष बिशन नारायण थे। इस गान को गाने का समय 52 सेकंड है पर कई बार इसे संक्षिप्त में भी गाय जाता है।

राष्ट्रीय पंचांग


शक संवत प्रथम मास चैत्र, सामान्य वर्ष 1 और दिन 365, इस पंचांग को 22 मार्च 1957 के दिन स्वीकार्य किया गया।

राष्ट्रीय चिन्ह


हमारे भारत का राष्ट्रीय प्राणी बाघ है जोकि 1972 से पहले शेर था। राष्ट्रीय पक्षी मोर। राष्ट्रीय फूल कमल। राष्ट्रीय फल आम। राष्ट्रीय पेड वड। राष्ट्रीय खेल होकि। राष्ट्रीय मुद्रलेख सत्यमेव जयते। राष्ट्रीय भाषा हिंदी देवनागरी लिपि अनुच्छेद 343 यह लिपि 14 सितंबर 1949 से स्वीकारा गया। राष्ट्रीय नदी गंगा। राष्ट्रीय जलचर जीव डॉलफिन। राष्ट्रीय पशु हाथी।

राज्य का पुनर्गठन


राज्य का पुनर्गठन करने के लिए अल्हाबाद की अदालत के पूर्व न्यायाधीश एस. के घर की अध्यक्षता में चार सदाशयी आयोग की रचना नवंबर 1947 में हुई। घर आयोग की समीक्षा करने के लिए कांग्रेस जयपुर अधिवेशन में JVP समिति की रचना हुई।

J - जवाहरलाल नेहरू

V - वल्लभभाई पटेल

P - पट्टाभी सीतारममैया

जिसने घर आयोग का समर्थन किया था। मद्रास राज्य मे से तेलुगू भाषी के लिए अलग राज्य के लिए पोटी श्री रामुल्ला ने 56 दिन के उपवास किये और 15 दिसंबर 1952 को उनका देहांत हुआ। इस घटना को देखते हुए वडाप्रधान ने तत्काल अलग राज्य आंध्रप्रदेश को बनाने की मंज़ूरी देदी। 1 अक्टूबर के दिन आंध्रप्रदेश राज्य की रचना हुई। जो आज़ाद भारत का भाषा के तहत बनाया गया पहला राज्य था जिसकी उस समय की राजधानी कूर्नुल थी। दिसंबर 1953 में राज्य पुनर्गठन आयोग की रचना हुई जिसके अध्यक्ष फ़ज़ल अली और दूसरे दो सभ्य थे जिसका नाम हदयनाथ कुंजर और के.एम पानीकर थे। जिसकी बिनती के आधार पर जुलाई 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम पसार हुआ उस के तहत 14 सभ्य और 6 केंद्रशाषित प्रदेश की रचना हुई जो इस प्रकार है। 1956 तक भारत मे कुल 14 राज्यों का समावेश हुआ है जो नीचे दिए गए है।

1आसाम, 2 आंध्रप्रदेसज, 3 उड़ीसा, 4 उत्तरप्रदेश, 5 कर्नाटक, 6 केरल, 7 जम्मू-कश्मीर, 8 तमिलनाडु, 9 पश्चिमबंगाड, 10 पंजाब, 11 बिहार, 12 मध्यप्रदेश, 13 महाराष्ट्र, 14 राजस्थान

1956 के बाद बनाए गए राज्य


15 गुजरात - 1 मई 1960 को महाराष्ट्र मे से अलग हुआ।

16 नागालैंड - नागा आंदोलन की वजह से सन 1963 में आसाम से अलग होकर नागालैंड राज्य बना।

17 हरियाणा - 1966 में सीखोने अलग राज्य की मांग की थी और अकड़ी दाल के नेता मास्टर तारासिंह के द्वारा आंदोलन हुआ और शाही आयोग 1966 का प्रस्ताव रखा गया उसके हिसाब से पंजाब के दो भाग बनेंगे जिसके हिसाब से जो पंजाबी बोलता है उसके लिए पंजाब और जो हिंदी बोलता है उसके लिए हरियाणा। 1966 में हरियाणा अलग राज्य और चंडीगढ़ केंद्रशाषित प्रदेश बना।

18 हिमाचल प्रदेश - यह प्रदेश 1956 में राज्य पुनर्गठन आयोग के तहत केंद्रशाषित प्रदेश बना और 1971 से इसको राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ।

19 मणिपुरम, 20 त्रिपुरा, 21 मेघालय इन तीनों राज्य की स्थापना 1972 में हुई थी।

22 सिक्किम - सिक्किम 1975 में भारत संघ में मिला था।

23 मिज़ोरम, 24 अरुणाचालप्रदेश, 25 गोवा इन सभी प्रदेशों की 1987 में केंद्रशाषित मे से राज्य में गणना हुई।

26 मध्यप्रदेश मे से छत्तीसगढ़, 27 उत्तरप्रदेश मे से उत्तराखंड, 28 बिहार मे से जारखण्ड सन 2000 को अलग हुए।

29 तेलंगाना - 2 जून 2014 को तेलुगू भाषा के तहत तेलंगाना राज्य बना

दादरानगर हवेली 1961 केंद्रशाषित प्रदेश के रूप मे जारी हुआ।

पॉन्डिचेरी - 1962 केंद्रशाषित प्रदेश के तौर पर जारी किया गया जिसको 1954 में फ्रांस ने भारत को सौपा।

गोवा, दमन, और दीव 1962 में भारत संघ से जुड़े। और 1961 में पोर्तुगीज के पास से भारत ने इनका कबजा लिया उसके बाद यह प्रदेश केंद्रशाषित प्रदेश के रूप में जारी किए गए।

सन 1987 में गोवा राज्य बना

राज्यों के नाम परिवर्तन

1950 - संयुक्त प्रांत मेसे U. P

1969 - मद्रास मे से तमिलनाडु

1973 - मैसूर मेसे कर्नाटक

1973 - लक्षदीप मिनिकोट और अमिनिदिव मे से लक्षदीप

1992 - केंद्रशाषित दिल्ली मेसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र

2006 - उत्तरांचल मे से उत्तराखंड

2006 - पॉन्डिचेरी मे से पुडुचेरी

2011 - ओरिसा मेसे ओडीसा

2011 - पश्चिम बंगाल मे से पश्चिम बंगा

About Mensutrapro

Gamervines is your ultimate destination for PC, PlayStation, Xbox, PSP, Nintendo, Android & iPhone games. Click on this link. Click here website demo

0 comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.