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Our Universe

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सबको पता है की यूनिवर्स क्या है. तो अगर हम किसीभी व्यक्ति को पूछे की क्या आप बता सकते हो की यूनिवर्स क्या है तो ज्यादा तर व्यक्ति यही बोलेंगे की यूनिवर्स एक बोहोत ही बड़ा काला स्पेस है जिसका कोई अंत नहीं है और इस यूनिवर्स में हमारा सोलर सिस्टम भी आता है जिसमे कुल मिलकर 8 ग्रह भी है और 1 dwarf planet भी है यानि एक बौना ग्रह.

Area 51

 उन 8 ग्रह का नाम है बुध यानि mercury, शुक्र यानि venus, पृथ्वी यानि earth, मंगल यानि mars, गुरु यानि jupiter, शनि यानि saturn, uranus, neptune.

अगर हम बात करे dwarf planet की तो वो है pluto. क्योकि अगस्त 2006 को IAU ने प्लूटो को एक ग्रह की श्रेणी से हटाते हुए उसे एक dwarf planet यानि बौने ग्रह की श्रेणी में रख दिया क्योकि इसकी कुछ वजह थी और वो वजह है की एस्ट्रोनॉमर्स के हिसाबसे उन्होंने कई शर्ते राखी थी अगर कोई भी ग्रह उन शर्तो पे खरा नहीं उतरता तो उसे प्लेनेट नहीं मन जाता.

why pluto is not planet


हम सभी जानते है की पहले हमारे सोलर सिस्टम में 9 grah हुआ करते थे लेकिन अगस्त 2006 को हमारे सोलर सिस्टम में 8 ही प्लेनेट रहे अब इसका मतलब ये नहीं की एक ग्रह टूट गया या यतो वो अपने सोलर सिस्टम से बिछड गया .

Way to success

अगस्त 2006 को IAU यानि International Astronomical Union ने प्लूटो को प्लेनेट की श्रेणी से हटाकर एक dwarf प्लेनेट की श्रेणी में रख दिया क्योकि उनलोगों के मुताबिक अगर कोई ग्रह उनकी बनायीं शर्तो पे खरा नहीं उतरता तो वो ग्रह नहीं है. तो आइये जानते है की आखिर प्लूटो की ऐसी क्या गलती थी जो उससे प्लेनेट से हटाकर dwarf प्लेनेट जारी करदिया.

उस शर्त या ग्रह की व्याख्या के अनुसार हम उसे ही ग्रह मान सकते है जोकि अवकाशी पिंड सूर्य की परिक्रमा यानि चक्कर लगाते हुए अपने रास्ते में आनेवाली छोटी बड़ी उल्का पिंड और दुसरे कचरेको अपनी गुरुत्वाकर्षण बलसे अपनी और खिंच ले और अपने सूर्य की परिक्रमा का रास्ता एकदम साफ सुथरा रखे. अब प्लूटो के द्वारा ऐसा ना करपाने के कारन उसे ग्रह की श्रेणी से निकाल दिया गया.

How big is our universe


कभी आपने सोचा है या इमेजिन करने की कोशिश की है की हमारा ब्रम्हांड कितना बड़ा है. हममेसे बोहोत से लोगो को लगता है की हमारा यूनिवर्स सिर्फ हमारे सोलर सिस्टम तक ही सिमित है. और कई लोग मानते है की हमारा सोलर सिस्टम ही यूनिवर्स है. लेकिन असलियत कुछ और ही है.

 यूनिवर्स के साइज़ का अंदाज़ा आजतक कोई भी नहीं लगा पाया है. आप सबको चाँद के बारेमे तो पता ही होगा. धरती से देखनेपर हमारा चाँद हमें कितना बड़ा लगता है लेकिन हमारा चाँद हमारी धरती का सर्फ 27 गुना ही है. और आपको बतादे की हमारी धरती से चाँद तक का अंतर है 384467 KM और अगर हम इमेजिन करे तो इस गैप में 30 धरती आजाएगी. और मानलीजिये की आप 100 KM प्रतिघंटा की स्पीड से भी चाँद की और बढ़ रहेहो तो तो भी आपको चाँद तक पोहोचनेमे 160 दिन लग जाएँगे.

इंसान द्वारा बनाया स्पेस प्रोप वोयेजर जो यूनिवर्स में अबतक सबसे ज्यादा दुरी तै कर चूका है प्रेजेंट में इसकी दुरी धरती से 141 AU जितना है AU मतलब एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट 1 AU धरती से सूर्य की दुरी का इक्वल है यानि वोयेजर प्रोप अभी धरती और सूर्य के आपसी डिस्टेंस से 141 गुना ज्यादा दूर है.

 वोयेजर आजके टाइम पे 17 KM प्रति सेकंड के हिसाबसे स्पेस में आगे बढ़ रहाहे अब ये स्पीड आपको बोहोत ही ज्यादा लग रही होगी लेकिन स्पेस में ये स्पीड कुछ भी नहीं है क्योकि वोएजेर 1 इसी गति से आगे बढ़ता रहा तो आनेवाले 33000 साल में भी ये हमारी मिल्कीवे गैलेक्सी को पार नहीं कर पाएगा अगर हमारे सोलर सिस्टम को ज़ूम आउट किया जाए तो यहापे डिस्टेंस AU में नहीं बल्कि light years यानि प्रकाश वर्ष में मापा जाता है.

प्रकाश वर्ष मतलब प्रकाश ने 1 साल में तै की हुई दुरी. अब प्रकाश की स्पीड होती है 3,00,000 KM  प्रति सेकंड.

सूरज के बाद हमारी धरती से सबसे नजदीकी स्टार है proxima centauri. जो की धरती से 4.24 प्रकाश वर्ष दूर है वहातक वोयेजर स्पेस प्रोप को प्रेजेंट स्पीड से पोहोचनेमे 17,000 साल लग जाएँगे. अब अगर और ज़ूम आउट करे तो हमारा मिल्कीवे दिखाई देगा उसका मास 1,00,000 प्रकाश वर्ष है. यानि अगर हम 3,00,000 KM प्रति सेकंड की गति से हमारी आकाश गंगा के एक छोर से दुसरे छोर तक जानेकी कोशिश करे तो भी हमें इस सफ़र को पूरा करनेमे 1,00,000 साल लग जाएँगे.

अब आपको लगा होगा यूनिवर्स कितना बड़ा है लेकिन ये तो कुछ भी नहीं है अगर हम अपनी मिल्कीवे को ज़ूम आउट करे तो हमें दिखाई देगा लोकल ग्रुप ऑफ़ गैलेक्सी और इसमें 44 गैलेक्सी है. जिसका विस्तार एक छोर से दुसरे छोर तक 1,00,00,000 प्रकाश वर्ष है.

और अगर इसे भी ज़ूम आउट किया जाए तो हमें मिलेगा virgo supercluster जिसके अन्दर लोकल ग्रुप ऑफ़ गैलेक्सी सिर्फ एक छोटासा पोर्शन है. यहापे करीब 100+ लोकल ग्रुप ऑफ़ गैलेक्सी पाई जाती है. यहापे एक छोर से दुसरे छोर तक की दुरी 11,00,00,000 प्रकाश वर्ष है. लेकिन यूनिवर्स यही पे नहीं रुकता.

अगर हम इसे भी ज़ूम आउट करे तो हमें मिलजाएगा Laniakea supercluster इस में virgo supercluster का साइज़ सिर्फ एक छोटे बिंदु जैसा ही है.  यहापे एक छोर से दुसरे छोर तक की दुरी 52,00,00,000 प्रकाश वर्ष है.

अगर इसे भी ज़ूम आउट किया जाए तो आता है Observable universe जोकि एक छोर से दुसरे छोर तक की दुरी 93,00,00,000 प्रकाश वर्ष है लेकिन इसका मतलब ये नहीं की स्पेस इतनाही है ये तो सिर्फ वो हिस्सा है जहातक इंसान observe कर पाया है ये भी हो सकता है की ब्रम्हांड इससे भी लाखो गुना बड़ा हो

कॉस्मिक इन्फ्लेशन थ्योरी की हिसाब से हमारे पुरे ब्रम्हांड का साइज़ 150 sextillion मतलब की 150,000,000,000,000,000,000,000

तो आपके हिसाबसे यूनिवर्स कितना बड़ा है हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट ज़रूर करे.

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