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India's biggest deal of 54000 crores | Ratna Tata | Motivational Blog

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India's biggest deal of 54000 crores | Ratna Tata | Motivational Blog
India's biggest deal of 54000 crores | Ratna Tata | Motivational Blog


इंडिया की एक बड़ी कंपनी ने 2007 में दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनी Corus जोकि यूनाइटेड किंगडम में स्थित है उसकी सफल बोली लगाके 54000 करोड़ रुपए में पूरी कंपनी खरीद ली।उस इंडियन कंपनी का नाम है TATA।

TATA जोकि इंडिया की एक बोहोत ही बड़ी कंपनी है और उस कंपनी के प्रोडक्ट को आप पूरे दिन में यूज़ किये बिना रातको सो नही सकते क्योंकि ये कंपनी उतने ज़्यादा प्रोडक्ट्स बनाती है कि उसमें से कोई न कोई तो आप रोज यूज़ करते ही होंगे। और जो कंपनी इतने सारे प्रोडक्ट्स बनाती है उनके चेयरमैन का नाम है Mr. Ratan Tata।

How to build confidence

Ratan Tata जोकि TATA कंपनी के चैयरमेन है उनकी उम्र अभी 81 साल है। जान TATA ने Corus को खरीदा तब उनकी फाइनल मीटिंग London में चल रही थी। 150 लोगो की टीम Ratan Tata की और से बैठी थी जिसमे उनके 10 सॉलिसिटर्स, 10 चार्टर्ड अकाउंटेंटस, 10 जनरल मैनेजरस थे। और सामने Corus कंपनी की और से 170 लोग बैठे थे। और आमने सामने मीटिंग चल रही थी जिससे उनके सारे पॉइंट्स क्लियर हो जाए।

MOU यानी Memorandum of Understanding तैयार हुआ तब वो 1800 पेज का तैयार हुआ। और उस 1800 पेज के नीचे Ratan Tata को साइन करनी थी। और उस साइन का मतलब TATA को 54000 करोड़ रुपए Corus को दे देना होता है। उस एक साइन की किम्मत 54000 करोड़ है।

London में चल रही वो मीटिंग 70 घंटे लगातार चली। और Ratan Tata उस मीटिंग को ओल्ड ताज होटल में 6th फ्लोर में बैठ कर लाइव देख रहे थे और तब उनकी उम्र 72 साल थी और तब वो उस उम्र में भी 70 घंटे जगे रहे। और यहाँ इंडिया में उनके हेल्प में 12 लोगो की टीम थी जिसमे 6 IS officers थे। अगर हमे कोई लगातार 70 घंटे तक सिर्फ मूवी देखने को बोले फिर भी हम लगातार नही देख सकते। 70 घंटे तो क्या हम लगातार 3 मूवी भी नही देख सकते और फिर मूवी मे तो हमे अपना दिमाग भी चलाना नही पड़ता सिर्फ देखना होता है फिर भी हम लगातार नही देख सकते तो उस उम्र में Ratan Tata को तो मीटिंग सिर्फ देखनिहि नही थी बल्कि 70 घंटे तेज़ बुद्धि भी चलानी थी

जब कोई मुद्दे पे चर्चा होती थी तब Ratan Tata वहापे उनको बोलते थे कि इस मुद्दे पर ये पूछे और ये क्लियर करे तभी उनका IS officer उनकी बात को नोट करता था और तुरंत मेल टाइप करके London भेजा जाता था और वहा पे भी उनके 2 सेक्रेटरी होते थे जिसका सिर्फ यही काम होता था कि Mumbai से Ratan Tata का क्या ओपिनियन आता है और जिस आदमी का नाम उस मेल में लिखा होता था उनतक वो मेल पोहोचना।

70 घंटे सिर्फ दिमाग चलना ये बोहोत ही मुश्किल है। और दिमाग चलाना तो दूर की बात अगर आपको  कोई 70 घंटे यानी 3 दिन और 3 रात जागने को कहे तो भी आप नही जाग पाओगे। लेकिन वो उस उम्र में भी जाग पाए क्योकि उनके ऊपर ज़िम्मेदारी थी अगर उस MOU में कोई एक शब्द भी गलत लिखा जाता तो company को बड़ा लॉस हो सकता था।

MOU तैयार होने के बाद वो सोए और जब तक सुबह वो उठे तब तक MOU तैयार हो चुका था और सुबह उठानेके बाद उन्होंने 1800 पेज का MOU 2.5 दिन में 12 बार पूरा पढ़ा। और वो भी A4 साइज के पेपर का MOU अगर हम कोई स्टोरी बुक भी बढ़ नेको कहे तो भी हम इतने सारे पेज नही पढ़ेंगे क्योकि हम बोर हो जाएंगे फिर ये तो MOU था और एक एक शब्द को ध्यान से पढ़ना था और Ratan Tata ने 72 साल की उम्र में MOU 12 बार पढ़ा यानी 1800 X 12 करे तो 21600 होता है यानी उन्होंने 2.5 दिन में 21600 पेज पढ़े।

और फिर साइन की और 54000 करोड़ रुपए ट्रांसफर हुए। और इस तरह से इंडिया की सबसे बड़ी बिज़नेस डील हुई। इस ब्लॉग का उद्देश्य डील के बारे में बताना ही नही बल्कि Ratan Tata की मेहनत और उनके strength के बारे में भी बताना था कि अगर वो तब 72 साल की उम्र में वो सब कर सकते है तो हम अपनी लाइफ में इतनी ही मेहनत और लगन के साथ काम क्यों नही कर सकते। सब कुछ संभव है बस आपके अंदर एक भरोसा होना चाहिए खुदपे की में ये कर सकता हु मैं मेहनत कर सकता हु और अपनी लाइफ में सक्सेसफुल बन सकता हु।

आशा करता हु की आपको ये मोटिवेशनल ब्लॉग अच्छा लगा होगा इसी तरीके के और भी  ब्लॉग्स आगे पढनेके लिए हमारी वेबसाइट को Subscribe ज़रूर करे।

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